latest

एक नहीं दो बार पाकिस्‍तान बन चुका है भारत के गणतंत्र दिवस में मुख्‍य अतिथि

भारत इस वर्ष अपना 71 वां गणतंत्र दिवस मनाएगा। इससे पहले भारत दो बार पाकिस्तान के नेताओं को गणतंत्र दिवस में मेहमान के तौर पर आमंत्रित कर चुका है मगर 1965 के बाद से भारत ने कभी भी पाकिस्तान के किसी नेता को न तो गणतंत्र दिवस परेड में आमंत्रित किया ना ही भारत से कोई पाकिस्तान के इस तरह के कार्यक्रमों में हिस्सा लेने ही गया।

गणतंत्र दिवस में किसी भी मुख्‍य अतिथि का आना काफी अहम होता है। मुख्‍य अति‍थि कौन होगा इस पर महीनों माथापच्‍ची होती है। कई फैसलों के बाद भारत उस देश को चीफ गेस्‍ट के तौर पर चुनता है जिसके साथ भारत या तो अपनी दोस्‍ती को और मजबूत करना चाहता है या फिर उसके साथ दोस्‍ती शुरू करना चाहता है। फ्रांस अब तक सबसे अधिक 5 बार गणतंत्र दिवस में बतौर मुख्य अतिथि आ चुका है।

मजबूत विदेश नीति

विदेश नीति का सुबूत देते हुए भारत ज्‍यादातर सोवियत संघ को अपने मेहमान के तौर पर चुनता था। समय बदलता गया और विदेश नीति में बदलाव की वजह से मेहमानों को चुनाव भी नए अंदाज से या जाने लगा। अब तक गणतंत्र दिवस के मौके पर फ्रांस ने पांच और भूटान ने चार बार शिरकत की है। यूं तो हर वर्ष गणतंत्र दिवस अपने आप में काफी खास होता है लेकिन वर्ष 2015 में जब उस समय के अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा बतौर चीफ गेस्‍ट भारत आए तो एक नया इतिहास बना था। राजपथ से पहले गणतंत्र दिवस की परेड लाल किला मैदान, नेशनल स्‍टेडियम और रामलीला मैदान पर आयोजित होती थी।
[

Related Articles

Back to top button