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इकोनॉमिक मोर्चे पर दिख रहे पॉजिटीव संकेत, कोरोनावायरस से जुड़ी घटनाओं पर रखनी होगी नजरः शक्तिकांत दास

RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने सोमवार को कहा कि मांग को रिवाइव करने और इकोनॉमी को सपोर्ट करने के लिए सरकार की ओर से किए गए विभिन्न उपायों के साथ संरचनात्मक सुधार जारी रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के कई मोर्चों पर सकारात्मक चीजें दिख रही हैं और भारत को आर्थिक सुस्ती के चपेट से निकालने के लिए उनका लगातार बने रहना जरूरी है।
[: समाचार एजेंसी ‘पीटीआइ’ के साथ इंटरव्यू में दास ने कहा कि चीन में कोरोनावायरस संक्रमण से जुड़े घटनाक्रमों पर पॉलिसी मेकर्स की करीबी नजर रखनी चाहिए। इससे जल्दी किसी तरह का कदम उठाने में मदद मिलेगी। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के वित्त वर्ष 2020-21 के बजट और हाल में किए गए विभिन्न उपायों से मांग एवं खपत को रिवाइव के लिहाज से अनुकूल माहौल तैयार हुआ है। उन्होंने इसके साथ ही भूमि और श्रम सुधार करने, कृषि क्षेत्र से जुड़ी मार्केटिंग को बेहतर बनाने और कौशल विकास पर ध्यान देने की हिमायत की।

RBI ने 2019 की शुरुआत में ही भांप लिया था Slowdown

उन्होंने कहा कि आरबीआई ने 2019 की शुरुआत में ही आर्थिक सुस्ती की आशंका को भांप लिया था। इसी को देखते हुए केंद्रीय बैंक ने लगातार पांच मौकों पर ब्याज दर में कटौती की।

अभी करना होगा इंतजार

दास ने कहा, ”निश्चित तौर पर कुछ सकारात्मक चीजें देखने को मिली हैं। चीजें बेहतर हो रही हैं लेकिन हम लोगों को इंतजार करना होगा और देखना होगा कि ये सकारात्मक ट्रेंड बने रहने वाले हैं या नहीं। साथ ही हमें यह भी देखना होगा कि वे कितने समय तक टिके रहते हैं।”

छह फीसद की GDP Growth का अनुमान

उन्होंने कहा कि अगले वित्त वर्ष में चीजें बेहतर होने की उम्मीद है। दास ने कहा, ”हमने 2020-21 में छह फीसद की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान रखा है, जबकि चालू वित्त वर्ष में पांच फीसद की दर से वृद्धि का अनुमान है।”
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